
Welcome to My New Blog
-
विशेष रुप से प्रदर्शित
मन के पंख
ओ! जीवन के थके पखेरु बढ़े चलो हिम्मत मत हारो, पंखों में भविष्य बंदी है, मत अतीत की ओर निहारो। क्या चिंता धरती यदि छुटी , उड़ने को आकाश बहुत है, जाने क्यों तुमसे मिलने की आशा कम विश्वास बहुत है ।
-
मेरा डर और मैने कैसे जीता…?
What’s a fear you’ve overcome — and how did you do it? मैंने कौन-सा डर जीता? मैंने दूसरों की स्वीकृति की प्रतीक्षा करना छोड़ दिया। एक समय था जब मैं सोचती थी— “लोग क्या कहेंगे?”“क्या मेरी सोच अलग तो नहीं?”“क्या मेरी बातें लोगों को समझ आएँगी?” फिर धीरे-धीरे मुझे एहसास हुआ कि जीवन का उद्देश्य… और पढ़े
-
me to my 20 year old self…
प्रिय 20 साल की शिवाश्री,हर किसी को खुश करने की कोशिश मत करो। जो लोग सच में तुम्हारे हैं, वे तुम्हें तुम्हारी अच्छाइयों और कमियों दोनों के साथ स्वीकार करेंगे।तुम्हारी संवेदनशीलता कमजोरी नहीं है। यही तुम्हें दूसरों के दर्द को समझने और दिल से लिखने की क्षमता देती है।जीवन की हर देरी असफलता नहीं होती।… और पढ़े
Follow My Blog
Get new content delivered directly to your inbox.

